भोपाल। प्रदेश के सतना कलेक्टर कार्यालय के शस्त्र शाखा से जारी हुए लाइसेंस में की गई गड़बड़ी के मामले में अब तक कुल 75 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। कल मामले की जांच कर रही एसटीएफ ने 50 नई एफआईआर दर्ज कर ली है। इससे पहले 25 एफआईआर 13 फरवरी को दर्ज की जा चुकी हैं। इस तरह कुल मिलाकर अब तक 75 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। जांच में खुलासा हुआ है कि शस्त्र शाखा में नियम कायदों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से काम हो रहा था। फिलहाल, किसी भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसटीएफ एडीजी अशोक अवस्थी के अनुसार तत्कालीन शस्त्र शाखा प्रभारी युगुल किशोर गर्ग, रामसजीवन कोल, अभय राज सिंह के खिलाफ आयुध अधिनियम समेत धोखाध़ड़ी की धाराओं में मामला दर्ज गया किया है। एडीजी अवस्थी का कहना है कि आरोपितों ने न सिर्फ अवैध लाइसेंस दिया, बल्कि शस्त्र लाइसेंस की लगने वाली शुल्क को माफ कर दिया। जिससे सरकार को लाखों रुपए की राजस्व की हानि हुई।
एसटीएफ की जांच में सामने आया कि लाइसेंस में हेरफेर की जांच संभागस्तर पर पूर्व में शुरू की गई थी। लेकिन, इसे बंद कर दिया गया था। एसटीएफ ने क्लर्क के अलावा जिला कलेक्ट्रेट में पदस्थ रहे अन्य अफसर की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। मप्र के अलावा अन्य राज्यों के लोगों को लाइसेंस भी जारी किए गए थे। अतिरिक्त कृय करने के फर्जी आदेश निकाले गए। बिना अनुमती के कारतूसों की संख्या में भी बढ़ोरी दर्ज की गई। इसका कोई रिकार्ड तक नहीं मिला है। सतना कलेक्ट्रेट में शस्त्र शाखा में गजब हथियारों के लाइसेंस के साथ और तरीके से धोखाधड़ी की गई। यह नियम नाम की कोई चीज नहीं थी। जिस क्लर्क के मन में जो आ रहा था। वह कर रहा था। शासन की बिना किसी अनुमती के क्लर्क शस्त्र लाइसेंस की सीमा क्षेत्र को बढ़ा रहे थे।
एसटीएफ ने दर्ज की 50 नई एफआईआर