पार्टी में नेतृत्व का संकट नहीं : रावत

नई दिल्ली। कांग्रेस में नए नेतृत्व पर निर्णय में हो रही देरी और इस पद के लिए चुनाव कराए जाने की मांग के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा राहुल गांधी कांग्रेस के सेनापति हैं। राहुल गांधी को अब नेतृत्व संभाल लेना चाहिए। उन्होंने कहा मौजूदा समय के चुनौतीपूर्ण हालात में युवा नेताओं को आगे-आगे और वरिष्ठ नेताओं को उनके पीछे-पीछे चलना चाहिए। रावत ने कहा कांग्रेस में कभी पीढ़ी का संघर्ष नहीं रहा है और राहुल गांधी के साथ काम करने में किसी भी वरिष्ठ नेता को कोई परेशानी नहीं हो सकती। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने नेतृत्व पर निर्णय में विलंब को लेकर वरिष्ठ नेताओं पर हमला बोला है और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव की मांग की है। रावत ने कहा कि इस समय भाजपा विरोधी ताकतें मुखर हो रही हैं तो यह कहा जा सकता है कि राहुल गांधी ने जो मुहिम शुरू की थी उसका परिणाम दिखना शुरू हो गया है। लोग राहुल जी को एक युवा और गतिशील नेता के तौर पर देख रहे हैं। अब उन्हें पार्टी अध्यक्ष बनना चाहिए। हालांकि पार्टी में नेतृत्व का संकट नहीं है, क्योंकि अंतरिम अध्यक्ष के रूप में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने जिम्मेदारी संभाल रखी है।